Friday, 31 July 2015

मधुमाखी रो सेत, रीछङा आज भखे ।

मधुमाखी रो सेत, रीछङा आज भखे ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके ।
रेवङ रा रुखाळ, भेङिया आज बणे ।
ओडी गाडर खाल,  अहिंसा सबद भणे ।
साथी रंगीया स्याळ, कपट रा हेत किया ।
अवसर रे उनमान, खोळिया बदळ दिया ।
ले लिनो बैराग, जके ईमान रखे.... ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके ।।

अफसरिया हैं आज, ढोल ज्यूं अजगरिया ।
कागा मोती खाय, हंस रे काकरिया ।
खून परायो चूस, जिकै मुख रातो हैं ।
ज्यूं खटमल बुग, जवा चिचङा साथी हैं
फळीयो तरवर अमर बेल, ज्यूं छायं ढके ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके ।।

हाथी आंकस हीण, बाग रो नास करे ।
ऊंट नकेल तुङाय, ताकङा तेज भरे ।
सूर उजाङे साख, रोजङा फाल चरे ।
नाहर सूतो नींद, स्याळिया मौज करे ।
बिना तेज रो राज, कियां अब राम रखें... ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके ।।

दफ्तर राज कचेङी, चढता दीन करे ।
पंडो ने परसाद, चढे जद काम चले ।
तोल ताकङी, आज मिळे इंसाफ कठै ।
झट पलङो झूक जाय, नोट रो बाट जठै ।
काळा कोट दलाल, हाथ में न्याव बिकै... ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके ।।

नकटी व्हेगी नीत, न्याव खूद आंधो हैं ।
हर मांचे हर ठौङ फरज क्यूं मांदो हैं ।
नौकर रिश्वत खोर, नेताजी बहरा हैं ।
चिमचां रे घर चैन, आज दिन आंरा हैं ।
ईमानदार रे घरां, नहीं पकवान पकै... ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके ।।

राष्ट्र पुरख री पीर, समझ कुण पावे हैं ।
समग्र कान्ती रो सूत्र, हाथ नहीं आवे हैं ।
नीम हकीम बैठ, नब्ज टंटोळ रिया ।
सर्वोदय रा वैद, नहीं अब बोल रिया ।
गांधी सुरग उदास, काळजो हाय धुके ।
बाङ खेत ने खाय, जिको कुण रोक सके.... ।
  नारायण सिंह चारण,  नौख

म्हारी भासा राजस्थानी

म्हारी भासा  राजस्थानी
मीठी मुधरी
चोखी सखरी
हरदम हिये में
भाव भजन में
गीत प्रीत में
रसम रीत में

राजस्थानी
राजस्थानी

पैसा जोड़ रहा हूँ ....

पत्नी ( मायके से)- जानू क्या कर रहे हो ?
पति - बस पैसा जोड़ रहा हूँ .....
पत्नी - वाऊ । मैं जानती थी सोना सस्ता हो गया है
और आपको मेरे नेकलेस की चिंता सता रही होगी
और मेरे न्यू एंड्रॉइड फ़ोन के लिए आप पैसा जोड़ रहे हो ना
डिअर , पर खाना आप अच्छे से खाना । आप कितने अच्छे हो ?
पति - गैलसपी , 20 रूपया रो नोट फाट गीयो है उने जोड़ रीहो
हूँ , टेपां लगा ने ??

अब्दुल कलाम रा मरसिया ....

अब्दुल कलाम रा मरसिया ....

अब्दुल तोड़ी आज दीवारां इण देह री
पूरी कर परवाज. पद परमहंस पावियो

अब्दुल पूगौ आप  अमरापुर रे आँगणे
शोक घणौ संताप नयण नीर मावै नहीं

अब्दुल पूरी आस कथनी करणी एक कर
खुदाबन्द वो खास भगत बड़ौ भगवान रो

अब्दुल तूं आधार भांण भळकतौ भारती
अगनी रौ अवतार साधक सांचो सूरमो

अब्दुल नहीं अनाम. इतिहासां रहसी अमर
कीरत वाळा काम कायम करगौ कोड सूं

अब्दुल वाळी आंण अवरां ने आंणी नहीं
जीवत जुगां प्रमाण भूलै किण विध भारती

रतनसिहं चाँपावत कृत

पोसावे कोन्नी


टीचर : (बच्चो से ) सभी लड़कियो को अपनी बहन समझो .

तभी पपुड़ो  :सर जी मै तो कोनि समझू .

टीचर : क्यो ?

पपुड़ो:सर अगर सभी को अपनी बहन समझूगा तो सर इतनी बहनो का मायरा कैसे भरूगा ???

पोसावे कोन्नी ।

Monday, 27 July 2015

लिखता तो रोवै कलम, कठै गयो कलाम।

लिखता तो रोवै कलम, कठै गयो कलाम।
आखर संग कागद करै, आँसू भरया सलाम।।

नेह समेत करू नमन मानो मिसाइल मैन
शब्दा री श्रद्धांजलि टपकन लाग्या                      सीधो सरल सुभाव रो एहडो नर नह और
करूँ विदा कलाम जी छलकी नैना कौर
धरम जात सूं उपरे मानव मोटो एक
आज छोड़ चाल्यो अबे नर घणो ओ                    भारत माता भाल ने कियो ऊंचो कलाम
फेरु पाछो आवज्ये सादर करूँ सलाम

Sunday, 26 July 2015

याद घणी आवे बिती री बाता

( हम मारवाड़ी हेँ )
"याद घणी आवे बिती री बाताँ,
गाँव रा गौना चरावता,
दडीयाँ रमता,
स्कूलोँ मेँ दाल बाटी खावता गेहूँ  लावता,
छोरियाँ ने बकरियाँ केर चीड़ावता,
टेक्टर री टोली लारे लमुटता,  खेल्डी रा खौखा खावता,
धोरिया  माथे गुड़ता,
मौरीया री पॉखा चुगता,
ढेंलडी़या लारे दौड़ता,
खैल्डे माथे हिंडो घालता,
धुड़ा रो घर बणाय रमता,
रौज माऊ कनू एक रूपियो लेर सकुल जावता,1
बोल्टी रा बौरिया खावता ,
फाटोड़ी चडीया पेरन सकूल जावता,
सकुल मे बाणीया रा छोरा ने कूटता,
छाने छाने बिड़ीया रा टुकड़ा पिवता,
गणाय कुपाव चुगूने जावता,
लुगाईयां रे डगळ री ठोकता,
फागण मे चंग बजांवता,
दीवाली ने टीकड़ीयां फोड़ता,"

(यह हमारे बचपन की मारवाड़ी यादें हैं हम ईनको कभी भूल नही सकते हैं)

Saturday, 25 July 2015

फिड़कला घणा आवै

शाम के बाद नेट चलाना हुआ मुश्किल ....
.
.
क्योंकि घरवाले बोले " बंद कर थारा ठीकरा ने....... .फिड़कला
घणा आवै " ।।

Friday, 24 July 2015

लिपटण दी चाह

  एक पंजाबी महिला एक हरियाणवी की किराना दुकान पर चाय पत्ती खरीदने गई .
महिला - लिपटण दी चाह है?
हरियाणवी दुकानदार - मन्ने तो ना है....तन्ने है तो लिपट जा .

Thursday, 23 July 2015

ले धौलिया

गुस्सा तो तब आता हे...

जब बारात की गाड़ी में सब से पहले सीट रोक कर बैठे...
और जब गाड़ी चलने लगे तब घर वाले बोले

ले धौलिया
फुफों जी ने बैठण दे,
तू खड़यो होज्या...lll

दारू दुसमण देह री, नेह घटादे नैण।

दारू दुसमण देह री, नेह घटादे नैण।
इज्जत जावै आप री, लाजां मरसी सैण।१।

दारू तो अल़घी भली, मत पीवो म्हाराज।
कूंडो काया रो करै, घर मैं करै अकाज।२।

मद मत पीवो मानवी, मद सूं घटसी मान।
धन गंवास्यो गांठ रो, मिनखां मांही शान।३।

दारू री आ लत बुरी, कोडी करै बजार।
लाखीणै सै मिनख रा, टका कर दे च्यार।४।

दारू रा दरसण बुरा, माङी उणा री गत।
ज्यांरै मूँ दारू लगी, पङी जिणां नै लत।५।

ढ़ोला दारू छोङदे, नींतर मारू छोङ।
मद पीतां मरवण कठै, जासी काया छोङ।६।

मदछकिया छैला सुणो, देवो दारू छोङ।
नित भंजैला माजनू, जासी मूछ मरोङ।७।

दारू दाल़द दायनी, मत ना राखो सीर।
लाखीणी इज्जत मिटै, घर रो घटसी नीर।८।

दारू देवै दुःख घणा, घर रो देवै भेद।
धण रो हल़को हाथ ह्वै, रोक सकै ना बैद।९।

धण तो दुखियारी रहै, दुख पावै औलाद।
जिण रै घर दारू बसै, सुख सकै नहीं लाध।१०।

मिनख जूण दोरी मिलै, मत खो दारू पी'र।
धूल़ सटै क्यूं डांगरा, मती गमावै हीर।११।

दारू न्यूतै बण सजन, दोखी उणनै जाण।
दूर राखजे कर जतन, मत करजे सम्मान।१२।

दारू सुण दातार है, घणां कैवला लोग।
मत भुल़ ज्याई बावल़ा, मती लगाजे रोग।१३।

गाफल मत ना होयजे, मद पीके मतवाल।
लत लागी तो बावल़ा, राम नहीं रूखाल़।१४।

रैज्ये मद सूं आंतरो, सदां सदां सिरदार।
ओगणगारी मद बुरी, मत मानी मनवार।१५।

मद री मनवारां करै, नीं बो थारो सैण।
दूर भला इसङा सजन, मती मिलाज्यो नैण।१६।

जे सुख चावो जीव रो, दारू राखो दूर।
घर रा सै सोरा जिवै, आप जिवो भरपूर।१७।

गढ़'र कोट सै खायगी, दारू दिया डबोय।
अजै नहीं जे छोडस्यो, टाबर करमा रोय।१८।

दुख पावैली टाबरी, दे दे करमा हाथ।
परिवारां जे सुख चहै, छोङो दारू (रो) साथ।१९।

Premsinghkumpawatओ अरजी करै, मद नै जावो भूल।
मिनख जमारो भायला, कींकर करो फजूल।२०।

बिरखा बरसी सांतरी,

इंतजार चौमासा रो
बिरखा बरसी सांतरी,
मुरधर जागी आस ।
कोठा भरसी धान रा,
डांगर चरसी घास ।।
हाळी हळड़ा सांभिया,
साथै साम्भ्या बीज ।
खेतां ढाणी घालसी ,
स्यावड़ गई पसीज ।।
ऊंचै धोरै बाजरी,
ढळवोँ बीजूं ग्वार ।
बिच्च बिच्च तूंपूं टींढसी,
मतीरा मिश्रीदार ।।
ऊंचै धोरै टापरी,
साथै रैसी नार ।
दिनड़ै करां हळोतियो,
रातां बातां त्यार ।।
काचर काकड़ कीमती,
मतीरा मजेदार ।
मोठ मोवणा म्होबला,
धान धमाकैदार।।
आभै गाजी बादळी,
मुरधर नाच्या मोर ।
जीया जूण खिलखिली,
देख घटा घनघोर ।।
आभै चमकी बीजळी,
मनड़ै जाग्यो मोह ।
बादळ राजा बरससी,
मिटसी पिया बिछोह ।।
छमछम बरसै बादळी,
धम धम नाचै मोर ।
धरती माथै रूंखड़ा,
घालै घूमर जोर ।।
बादळ ऐड़ा ओसरया,
मुरधर करियो वास ।
धरती आली सांतरी,
करसां पूरी आस ।।
डेडर जीभां खोल दी,
भरिया देख तळाब ।
कोयल वाणी सांचरी,
मुरधर उमड़ी आब।।

Google search

किसी ने Google पर search किया.." जोधपुर  " वालों  को काबू मे कैसे करें."

Google का जवाब आया...
"औकात मे रहकर search करें.."

जोधपुर   वालो से पंगा मत लेना...

क्योंकि,

जिन तूफानों में लोगो के झोपड़े उड़ जाते है,
उन तूफानों में तो जोधपुर  वाले कपड़े सुखाते हैं |

मेट्रो तो जोधपुर  में भी आ
जाती लेकिन...
...
...
...
...
...
जोधपुर  के लोगो ने मना कर दिया, ...
...
...
...
कहते हैं
ऐसी ट्रेन किस काम की
जिसकी खिड़की खोल के रजनीगन्धा ना थूक
सके ।

"  जय हो जोधपुर  "

Wednesday, 22 July 2015

लेज्या रे बापकाणा

एक आदमी आप के सासरै गयो टाबराँ की माँ नै ल्याण नै !!

सासू बोली कै, कूँवरजी ऐक बार पाँच सात दिन घरां काम हैं जको थे पाँच सात दिना
बाद लेण नै आज्यायो !!

जवाईं:- मेरै के काम है तो !
थारो काम हूवै जणा भेज देया बितै दिन

मै अठै ही बैठ्यो हूँ !!

सासू बोली कै, थे ईता दिन अठै रहस्यो जणा लोग के कहसी ?

बूरा कोनी लागो ईता ईता दिन
सासरै मे बैठ्या ????

जवाईं :- सासूजी आ गैलाने छ: महीना
लगातार म्हारै घरे रह के आयी है जणा आ तो बूरी कोनी लागी ?

सासू बोली कै बेटा आ तो थानै परनायेङी है !

जवाईं:- तो मै के अठै रोपेङो हूँ ?

मै भी तो अठै परनायेङो ही हूँ !!!

सासु:- लेज्या रे बापकाणा !!!!

सावण सुंरगो आवियो, आया नीँ भरतार

सावण सुंरगो आवियो, आया नीँ भरतार ।
काया म्हारी दाझगै,कांईं चावै करतार ।।

आभै चमकी बीजळी, धरती बधगी आस ।
कळपै थारी कामणीँ, साजन आओ पास ।।

सावण बैरी सायबा, नित रो बरसै आय ।
घरां पधारो सायबा, जोबन बैरी खाय ।।

हिंडो मांडूं हेत सूं , गाऊं गीत पच्चास ।
सायब होवै साथ मेँ, हिंडो चढै अकास ।।

फोन लगाऊं सायबां, आवै कोनीँ टोन ।
सावण जावै हाथ सूं , ओन करो नीँ फोन ।।

सावण आयो सायबा, मत ना जाओ दूर ।
सेजां पोढो आयनै, छोडो सगळा टूर ।।

तनड़ो सारो भीजग्यो, मनड़ो गावै गीत ।
साजन भेळा नाचल्यो , बणगै मन रा मीत ।।

अंबर गाजै बादळी, मनड़ै नाचै मोर ।
साजन म्हारा आंतरा ,रत्ती न चालै जोर ।।

आभै देखूं बादळा , हिवड़ै उपजै नेह ।
साजन होवै साथ मेँ , भळ बरसो थे मेह ।।

चंदै लिपटी बादळी , आभै देखूं भाज ।
घरां पधारो सायबा , काया छोडूं आज ।।

नैणां बरसे सेज पर , आंगण बरसै मेह ।
होडा होडी झड लगी , उत सांवण इत नेह ।।

गोरी बैठी गोखडे,नैणा काजल काढ।
जल काजल रलमिलरिया,आयो मास असाढ

रोम रोम राजी हुवो,हस हस पुलकित हाड।
नस नस कूदे नाचती,आयो देख असाढ।

                                 

Tuesday, 21 July 2015

छातिकुटो

मुम्बई स्कूल का टीचर राजस्थान के गांव के स्कूल में गया और बच्चों से पूछा problem का हिंदी अर्थ बताओ।
एक छात्र बोला "छातिकुटो"

हीङकिया


घंटो कि दुरीयाँ मिनटो में तय हो जाती

जब

हीङकिया कुत्ता लारे दौडता है..

Monday, 20 July 2015

मारवाङी गाँवा री हिँन्दी

मारवाङी गाँवा री
हिँन्दी

1. आँटी मुझे चाय मत
घालना
मेरे पास पहले ही घणी है

2. यार पता नहीँ कल
किसी
ने
मेरी टाट मेँ भाटा मार
दिया
3. आप सभी ऊभे क्यूँ हो
हेठा
बैठ जाओ
.
.4 मेने आपको बहुत सोदया पण आप लादया ही नही
5 जल्दी चलो मुझे मोड़ा हो रहा है
6 आप सीधा जाना एकदम नाक की डांडी पर फिर डावडा हाथ कण मुड़ के थोड़ा  डोडा हो जाणा
7 मेरा बस्ता बिस्के मायन पड्या है

Friday, 17 July 2015

धापुडी द्वारा अपने मोट्यार को लिखा गया कागद

धापुडी द्वारा अपने मोट्यार को लिखा गया कागद: --

म्हार हिवडा का हार,

म्हारा सोलहा सिंगार,

म्हारी पप्पूडी का पापा…

थारी चौडी-चौडी राफा.!

हे प्राणनाथ जी,

गोपिया का नाथ जी,

म्हार रूप का दास जी,

त्रिलोकी का नाथ जी…

थाको कोजो घणों साथ जी…..!

हे म्हारी जलती ज्योत,

करवा चौथ,

धान का बोरा,

उन्डोडा औरा…

थाका एक दर्जन छोरी और छोरा..!

भोमिया का स्वामी,

म्हारी जामी सा थाकी,

सत्यानाशी,

कुल विनाशी,

कालिया की मासी,

चरणा की दासी,

थार प्राणा की प्यासी,

थाकी पाताल फोड लाडली,

धापुडी का पगा लागणा मानज्यों…

और हो सक तो आखा-तीज पर घरा पधारज्यों…।।

आगे समाचार एक बाचज्यों कि–

सुसरो जी न हिडकायों कुत्तों खायगों…

और चौथियों चौथी मैं चौथी बार फेल आयगों.!

सुसरो जी तो हिडक्या होर मरग्या…

पण मरता मरता सासू जी न हिडक्या करग्या…..!

सासू जी मरा मौत, कु-मौत, कुत्त की मौत और

सासू जी न मरता देख म्हारो भी मरणा सू मन फाटग्यों है…

जीतियों नाई काल स्वर्ग सिधारगों और

बीको तियो पंडत गरूड्यों करायग्यों है.।

गीतूडी के करमडा में है ना
जुआ पडगी है…

और सीतूडी क काना की एक बाली गमगी है…..!

थाकी काणती काकी काल

छाछ खातर घरा आर लडगी…

और म्हारी बडकी सेठानी

घीनाणी सु पानी ल्याती पडगी…..!

भुवाजी रोजीना ही गुन्द का लाडू खावै…

और नानूडा की लुगाई में

मंगलवार की मंगलवार पीतर जी आवै…।।

पपीयों,गीगो,लाल्यों और

राजिया की लुगाई चलती री,

पण थे तो जाणो ही हो

राम के आग किको बस चाल है…

और होणी न कुण टाल है…..!

हे म्हारा बारहा टाबरा का बाप…

थानै लागै शीतला माता को श्राप..!

थे आदमी हो या हरजाई…

थे मनै अठै ऐकली छोडगा थान शरम कोनी आई.!

थे आ पूरी पलटन म्हारै वास्तै छोडगा…

एक इंजन मैं बारह डब्बा जोडगा..।

इ बार सर्दी अणहोती पडे है,

ई वास्तै टाबर घणा रोव है…

दो चार दिना सु भूखा ही सोव है…!

थाकि माय न

अब भी थोडी घणी शरम बाकी होव तो

पाछा कदै ही मत आइज्यों…

पर पाँच हजार रूपिया हाथु हाथ भिजाज्यो...

Thursday, 16 July 2015

ए हाथ मने देदे ठाकुर...

शोले मारवाडी.........

गब्बर;;       ए हाथ मने देदे ठाकुर...

ठाकुर:         कोनी देवुं मारी बाई हाका करे

सांभा :   ओ झुठ बोले सरदार इकी बाई तो नोनोणे गीओड़ी  है !

सेठ लायो सेठानी


अर्ज किया है........
सेठ लायो सेठानी, सेठानी बड़ी
सोणी।
वाह वाह...
सेठ लायो सेठानी, सेठानी बड़ी
सोणी,
वाह वाह...
घूंघट उठा क देख्यो तो दाँत ही कोणी।।।

राजस्थान की दाल बाटी और चूरमा को टेस्टिंग

मैगी के बाद राजस्थान की दाल बाटी और चूरमा को टेस्टिंग के लिए रासायनिक प्रयोगशाला भेजा गया .....
.
.
.
.
.प्रयोगशाला से वैज्ञानिको का जवाब आया
.
.
.
.
.
..
.मजा आ गया
और भेजो

Wednesday, 15 July 2015

लुगायां रो ब्रत             

लुगायां रो ब्रत             

पति पत्नी से:-- कई बात है,
आज नाश्तों कोणी बणायो

पत्नी;-- आज तो व्रत है नी

पति ;--आज थारो  व्रत है कई ??

पत्नी :-- हाँ जी

पति :--- कईं खायो ?

पत्नी :-- कोई खास नही जी

पति :-- फेर भी कई तो खा लेवती ?

पत्नी :-- में तो थोडा सो.....
केला,
सेव,
अनार ,
मूंगफली,
फ्रूट क्रीम,
आलू की टिक्की,
साबूदाने की खीर,
साबूदाने रा पापड़,
कुट्टू री पूरी,
सावंख,
सिंघाड़े रे आटे रो हलवो,
साबूदाने री खिचडी ,
सुबह-सुबह थोड़ी सी चाय पी,
और अबे जूस पी रही हूँ।
आज व्रत है नी,  इ वास्ते बाकी तो कई खावणो कोणी........

पति ;-'  थोड़ो आमरस
या पपितो खा लेवती

पत्नी:-- बे सब तो शाम ने खावुला

पति:- तू तो  बोत ही सख्त व्रत राखे है, ओ हर कोई रे बस री बात कोइनि । और कुछ खाने रि इच्छा है ?
देखलिए कठैई कमज़ोरी नइ
आय जावे।

पत्त्नी ; नहीं जी कमजोरी नी आवे इरे वास्ते तो सुबह उठते ही बादाम काजू खा लिया हा

पति ;-- फेर भी धयान राखजो

      

Tuesday, 14 July 2015

एक सीढी छोड़कर चढ़

एक मारवाड़ी अपने बच्चे को पिट रहा था,
पड़ोसी ने पूछा क्यों पिट रहे हो??

मारवाड़ी-इसको बोला एक सीढी छोड़कर चढ़ चप्पल कम  घिसेगी नालायक 2 सीढ़ी छोड़कर चढ़ा पजामा फाड़ दिया!

Monday, 13 July 2015

तारक मेहता का उल्टा चश्मा

जेठालाल स्पेशियल :
अहमदाबाद की धुप ☀से स्किन
मेरी जली ..
वाह वाह ….
अहमदाबाद की धुप ☀से स्किन
मेरी जली ..
जेठालाल बोले , ”मेहता साहेब .."
चुरा के दिल मेरा ,
बबिता चली ..
----------------------------------
जेठालाल -
अगर मेरी शादी मेरी मर्जी से
होती ..
वाह वाह ….
अगर मेरी शादी मेरी मर्जी से
होती ..
तो टपुडा , तेरी मम्मी दया नहीं ..
बबिता होती ..
----------------------------------
हर शाम सुहानी नहीं होती ..
हर चाहत के पीछे
कहानी नहीं होती ..
कुछ तो असर ज़रूर होगा महोब्बत
में ..
वरना गोरी बबिता काले⚫ अय्यर
की दीवानी नहीं होती
----------------------------------
एग्जाम के टाइम पे नींद
अच्छी आती हैं ..
वाह वाह ….
एग्जाम के टाइम पे नींद
अच्छी आती हैं ..
जेठालाल के दुकान जाने के टाइम⏰
पर ही ..
बबिता निचे
क्यों आती हैं ?

हिंडा खुवा देऊ

मारवाड़ी साईकिल से जा रहा था
रस्ते में एक भिखारी मिला वो बोला
बाबु कुछ खिलादो
मारवाड़ी :तू लारे बेठ ज्या
तन हिंडा खुवा देऊ ।

बीजली कित त आवै है .....

मास्टर : बाळको बताओ बीजली कित त
आवै है .....

बाळक : MAMA के घर त...

मास्टर : क्यूकर ?

बाळक : जब भी बीजली जावै है मेरा बापू
कहवै है .......

साल्यां नै फेर काट दी.....

Sunday, 12 July 2015

मारवड़ी का ABCD

इतना संस्कारिक कलयुग आ गया है कि..
लड़की कि विदाई के वक्त माँ बाप से ज्यादा तो
मोहल्ले  के लड़के रो देते है..
एक सासु जी रे कँवर सा घना कला हा। मतलब काला दतीड़;

सासुमां : कँवर सा एकाद महीना भर अटे ई भिराजो दूध, दही जीमों ।
मौज करो आराम ऊ साला सालियां रे साथे रेवो सा ।

कंवर सा :  सासुजी आज बडो लाड आ रियो है मारे पे कई बात है?

सासु जी: अरे लाड वाड किं कोनी सा भैंस रो पाडियो मरगो है आप ने देख न दूघ तो देती रेई ।वाइफ के गाल पर गुलाब मारने पर
इंग्लिश वाइफ :
यू आर सो नॉटी
पंजाबी वाइफ :
तुस्सी वड्डे रोमांटिक हो जी
मारवाड़ी वाइफ :
अता बडा होग्या पण लखन टाबरा का ही रेहसी..
अबार आंख्यां फोड़ देता
मरवाड़ी की प्रेम कहानी,

दो प्रेमी आँखों में आँखें डाल कर बूंदी-भुजिया खा रहे थे।

लड़की शरमा के :

" यूँ घुर घुर ने कांई देख रिया हौ थे "

लड़का :

" थोड़ो थोड़ो खा मंगती, मुट्ठो भर भर कांई फाका मारे" "
अरे भाया आज आपणा गाँव वालो ATM बंद कियां पड्ग्यो ??

कांई बताउ भाई ,म्हारी लुगाई बोली कि आज atm सु पिश्या म निकालू ..

अरे आ तो अच्छी बात हे न भाया ..

काई अच्छी बात भाई, जना बो atm बोल्यो ”ENTER YOUR PIN”,तो आ बावली अपना माथा री पिन atm म NASA का राकेट ब्लास्ट हुआ
जापान: टेक्नोलॉजी परीक्षण किये थे ?
Nasa:yes
रूस: क्रिटिकल मास वॉल्यूम ठीक था ?
Nasa:yes
भारत: नीबू-मिर्ची टाँगे थे ?
Nasa :no
भारत: जणा ही फ़ाटग्यो थारो बाप....: अमीर की औलाद.."
बेटा : पापा आज बहुत गर्मी है!!
पापा : बेटा हम आज ही ए.सी. लगवाएँगे!!
"गरीब की औलाद.."
बेटा : पापा आज कितनी गर्मी है!!
पापा : चल तुझे
गंजा करवा देता हूँ!! : टीचर- बताओ बच्चों हनुमान
जी किस जाति के थे?
अरूण-सर,जाट
टीचर- कैसे पता
अरूण- लुगाई किसी और की,
लड़ाई किसी और की, फालतू
की दादागिरी में
अपनी पूँछ
जला ली ...पकका जाट था साहब
एक स्कूल रा मास्टर जी स्कूल रे एक छोरे रे मा बाप ने सुचना भेजी -प्रिय धन्ना जी,
आप रे प्रकाशिये रे शरीर से घणी बदबू आये है। कृपया ईने अच्छा साबु से नहलाया करो,
दुसरा दिन बाप जबाब लिख भेज्यो -‘आदरणीय माटसाब, प्रकास्यो गुलाब रो फूल कोनी ।
इयॆने ढंग सर पढ़ाया करो, सुंघया मत करो

उन्धी-सुन्धी

संता - काजूकतली के चाँदी का वर्क क्यो लगाते है  ???
   
Chinese - Wrong Qus.       

American - No comments  

Japanese - don't know             

राजस्थान रा  :-

अरे उन्धी-सुन्धी को ठा पड़  जावे

ई वास्ते लगावे।

Saturday, 11 July 2015

Mawari Chhora send whatsapp msg to his class teacher-

Mawari Chhora send
whatsapp msg to his class teacher-

सेवा रे माय
               श्रीमान साब,
               प्रधाना मारसाब
                रा.उच.प्रा.वि.
    Barni kallaजिलो(जोधपर)
                                     विषय- घरे काम है-

महोदय,
              आज मारे घरे राबोडी, बडिया करी सा जीको मने ढाणियां ढपाणियां ऊ खाटी छा लाणी पडी जीको आज तो स्कूल आवणों मुशकिल है सा तो आज री हाजरी भर दिजो नी मारसाब. काले पावेक भरी राबोडी बडिया आप रे ई लेने आइजाऊ!

               आप रो आज्ञाकारी
                    नाम- गबरियो
          हाजरी लमबर-भाकरीया ने ठा हे पूछ लीजो

ठीक मारसाब अबे डागले जाऊ नी तो पछे रोबोडी बडिया चिडिया कमेडिया खाजाई.... ☺

Friday, 10 July 2015

ऐ म्हारी मॉ म्हे कटेई कोनी जाऊ

कोलम्बस ने अमेरीका की खोज की

यदी उसकी लुगाई RAJASTHAN की होती तो कभी अमेरीका की खोज नही कर सकता क्यो ?
.
क्यो की वो बहुत ज्यादा सवाल करती !
. सिद जाओ
.कीने हाथे जाओ
.किण वास्ते जाओ
.कई खोजणे जाओ
.वापस कद आवोला
.कितो टाईम लागेला
.अटे कोनी खोजिजे कई
.नही खोज्या चाले कोनी
.हर बार थेईज क्यु जाओ
.मे अटे एकली कई करूला
थाने तो बस दोस्ता रे साथे मटरगस्ती करनी मै भी थाणे साथे चालुला
.अन्त ने कोलम्बस ने जवाब दिया

ऐ म्हारी मॉ म्हे कटेई कोनी जाऊ

जोधपुर मे मेट्रों

मेट्रो तो जोधपुर में भी आ जाती लेकिन हमने
ही मना कर
दिया
क्योंकी ऐसी ट्रेन किस काम की जिसकी
खिड़की खोल के
म्हारा ताऊ बीड़ी बी ना पी सके"
#ये इंडिया है प्यारे

यहाँ धर्मेन्द्र को तो कुत्तों का खून पीना पसन्द है
पर

उसकी घरवाली
केंट RO पानी पीने की सलाह देती है

             

ऐ म्हारी मॉ म्हे कटेई कोनी जाऊ

कोलम्बस ने अमेरीका की खोज की

यदी उसकी लुगाई RAJASTHAN की होती तो कभी अमेरीका की खोज नही कर सकता क्यो ?
.
क्यो की वो बहुत ज्यादा सवाल करती !
. सिद जाओ
.कीने हाथे जाओ
.किण वास्ते जाओ
.कई खोजणे जाओ
.वापस कद आवोला
.कितो टाईम लागेला
.अटे कोनी खोजिजे कई
.नही खोज्या चाले कोनी
.हर बार थेईज क्यु जाओ
.मे अटे एकली कई करूला
थाने तो बस दोस्ता रे साथे मटरगस्ती करनी मै भी थाणे साथे चालुला
.अन्त ने कोलम्बस ने जवाब दिया

ऐ म्हारी मॉ म्हे कटेई कोनी जाऊ

Thursday, 9 July 2015

म्हारो प्यारो राजस्थान.....

राजस्थान खास क्यों हैं...???
जैसा हिंदी फिल्मों में
दिखाया जाता है.....वैसा मेरा राजस्थान
नहीं है ........!

हिंदी सिनेमा जगत में
राजस्थान को माफिया लोगो का अड्डा - गुंडा राज
दिखा कर... राजस्थान
की छवि लोगों ने खराब
बना दी है....

सच तो सच है....??? देखिये...

1. हमारे राज्य में बलात्कार के
मामले दिल्ली के मुकाबले... 0/10 है.......
जबकि आबादी दिल्ली से कई
गुना अधिक...!!

2. दंगो में हज़ारो लोग यूपी
में मारे गए हैं राजस्थान में 1 भी नहीं ..!!

3. Murder Rate 0/2 है
मुंबई से... कही कम ही..!!

4. हमें बेबकूफ समझा जाता है...तो दोस्त सुनो हमारा राजस्थान अकेले इतने
सैनिक देश को देता है जितना केरला, आन्ध्र-प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात मिलकर भी नहीं दे पाते.....!!

5. कर्नल सूबेदार सबसे ज्यादा राजस्थान से है...!!

6. उच्च शिक्षण संस्थानों में राजस्थानी इतने हैं कि महाराष्ट्र और गुजरात
मिलाने से भी बराबरी नहीं कर सकते.........

7. राजस्थान अकेला ऐसा राज्य है जहाँ किसान कृषि कारणों से आत्म-
हत्या नहीं करतें जैसा कि मीडिया दिखाता है क्यूकि राजस्थान में बुज़दिल नही दिलेर पैदा होते है...!!

8. आज भी राजस्थान में सबसे ज्यादा संयुक्त परिवार है...!!

9. हम एक रिक्शा चलाने
वालों को भी भाई कह कर
बुलाते हैं...!!

" मैं राजस्थान से हूँ " और राजस्थान से ज्यादा महफूज अपने आप को
कहीं नहीं पाता...
हमारे लोगों ने
कभी किसी राज्य के लोगों का विरोध नहीं किया... किसी सम्प्रदाय को नही दबाया....
यूपी में दंगे होते रहते है राजस्थान में धर्म के नाम पर कभी दंगा नही हुआ ।
यहाँ संस्कार बसतें है...!!.
.
मुझे नाज है मैं राजस्थान से हूँ
राजस्थान मेरे रगों में
बसता है...!!!

अगर राजस्थान होने पर गर्व है तो इस एस एम एस को इतना Share करो कि ये हर राजस्थान के मोबाइल मे हो.........

जय राजस्थान.....
म्हारो प्यारो राजस्थान.....
म्हारो रंगीलो राजस्थान...