Sunday, 31 May 2015

बातां रुळगी भाषा लारै -ओम पुरोहित कागद

बातां रुळगी भाषा लारै

              ओम पुरोहित कागद

राजस्थानी संस्कृति रा ठरका निराळा। संस्कृति पण कांण राख्यां। कांण रैवै राख्यां। हाल घड़ी बडेरां कांण राख राखी है। पण कीं अरथां में मोळी पड़ती लखावै। सरूआत आंगणै सूं। आंगणै सूं सबद खूट रैया है। काको, मामो, मासो, फूंफो, कुलफी आळै भेळो अंकल। मामी, मासी, भूआ, काकी, नरसां भेळी अंटी बणगी। देखतां-देखतां ई आपणी संस्कृति खुर रेई है। ढाबै कुण? मोट्यार तो अंग्रेजी रा कुरला करै। सो कीं भूल'र माइकल जै सन रा नातेदार बणन ढूक्या है।
बात नातां-रिस्तां री। नातेदार बै जका आपरी पांचवीं पीढी सूं पैली फंटग्या। पण भाईपो कायम। रिस्तेदार बो जकै सूं आपरो खून रो रिस्तो। यानी चौथी पीढी सूं लेय'र आप तांई। गिनायत कैवै खुद रै गोत नै टाळ आप री जात रै दूजै लोगां नै। जिण सूं आपरा ब्याव-संबंध ढूक सकै। कड़ूंम्बो कैवै दादै रै परिवार नै। लाणो-बाणो हुवै खुद रो परिवार। गनो होवै संबंध। जियां म्हारी छोरी रो गनो व्यासां रै ढूक्यो है। तो ओ होयो गनो। छोरै अर छोरी रै सासरै आळा होया सग्गा। ऐ बातां अब कुण जाणै?
आजकाळै कीं रिस्ता-नाता तो इलाजू कळा जीमगी। कूख मौत होवण सूं काका-काकी, बाबो-बडिया, भाई-भौजाई, मासो-मासी, फूंफो-भूआ, नणद-नणदोई, जेठ-जेठाणी, देवर-देराणी, काकी सासू, बडिया सासू, भूआ सासू, मासी सासू, मामी सासू जै़डा सबद आंगण में लाधणा दौ'रा होग्या। जद ऐ नामी रिस्तेदार, नातेदार अर गिनायतिया ई नीं लाधसी तो टाबरियां री ओळ कठै।
भेळप अर ऐ कठ राजस्थान्या री आण। पण अब तो ब्याव रै तुरता-फुरती न्यारा होवण री भावना। कुण जाणै कै देवर रो छोरो देरुतो, छोरी देरुती, जेठ रो बेटो जेठूतो, बेटी जेठूती, नणद रा बेटा-बेटी नाणदो अर नाणदी, काकै अर भूआ रा बेटा-बेटी, भतीजा-भतीजी, आजकाळै एक छोरै रो चलण। छोरी तो होवण ई नीं देवै। एक छोरै रै एक छोरो। बाकी रिस्तां रै लागै मोरो। आ होयगी भावना। घणकरै दिनां में टाबर पूछसी- 'पापा ये भूआ और फूंफा या होता है? मासा-मासी किसे कहते हैं?' ना साळा-साळी रैसी, ना मासा-मासी अर ना मामा-मामी। काका-काकी, भूआ-फूंफा अर बाबा-बडिया सोध्यां ई नीं लाधैला
दूसरो ब्याव करणियो दूजबर, किणी रै बिना ब्याव बैठणो, चू़डी पैरणो बजै। इण नै नातो कैवै। नातै जावण आळी लुगाई नै नातायत। नातै गयोड़ी लुगाई रै लारै आयोडै टाबर नै गेलड़ कैवै। जद रिस्ता-नाता, गन्ना, अर कड़ूम्बै रो ग्यान नीं तो संस्कारां रो ध्यान कठै। बडै रै पगाणै बैठणो, सिराणै नीं। भेळा जीमतां टाबर पछै जीमणो सरू करै पण चळू पैली करै। बडेरो आदमी जीमणो पैली सरू करै पण चळू छेकड़ में करै। सवारी माथै लुगाई लारलै आसण बैठै। आगलै पासै बैन, भौजाई, मा, दादी, काकी, बडिया, भूआ आद बैठै। अब पण ऐ बातां तो भाषा रै लारै ई रुळगी। मायड़ भाषा नै मानता मिलै तो पाछी बावड़ै। अब बांचो रिस्ता जाणण री दोय आड्यां-

(१)
पीपळी रै चोर बंध्यो, देख पणियारी रोई। 
काईं थारै सग्गो लागै, काईं लागै थारै सोई।।
नीं म्हारै सग्गो लागै, नीं लागै म्हारै सोई।
ईं रै बाप रो बैन्दोई, म्हारै लागतो नणदोई।। (बेटो)
(२)
जांतोड़ा रै जांतोड़ा, थारै कड़ियां लाल लपेटी।
आ आगलै आसण बैठी, थारै बैन है का बेटी।।
नीं म्हारै आ बैन है, नीं है आ म्हारी बेटी।
ईं री सासू अर म्हारी सासू, है आपस में मा-बेटी।। (बेटै री बू)

थार थळी से कागद जी की पोस्ट

Yo-ki-hoyo

A Rajasthani girl marries a Japanese.
A year later they are blessed with twins.
They name them,
Jo-hoyo, So-hoyo.
Another year later they have an unplanned baby. They name him,
Yo-ki-hoyo!

Saturday, 30 May 2015

मंगती

मरवाड़ी की प्रेम कहानी,

दो प्रेमी आँखों में आँखें डाल कर बूंदी-भुजिया खा रहे थे।

लड़की शरमा के :
☺☺

" यूँ घुर घुर ने कांई देख रिया हौ थे "

लड़का :

" थोड़ो थोड़ो खा मंगती, मुट्ठो भर भर  कांई फाका मारे" "

मोदी जी री सरकार

मोदी जी री सरकार रो एक साल पूरो वीयो
इण एक साल मं --
*केजरी भाई री खांसी ठीक वेगी।
*मौनमोहन जी बोलण लाग गा।
*सोनिया जी री अबूझ बीमारी जिण रा इलाज वास्ते दौड़ दौड़ र अमरीका जाती वा ठीक वेयगी।
*राहुल गांधी जिको कांग्रेस रा 10 साल रा राज मं कीं नई करियो बोई संसद मे भाषण भी देवण लॉग गो।

भेर कित्ताक अच्छा दिन चायजे?

मेवाड़ी गर्लफ्रैंड

लड़का व्हॉटसअॅप पे अपनी मेवाड़ी गर्लफ्रैंड से गप्पें लडा रहा था ।

लड़का- प्रिये सो रही हो, तो स्वप्न भेजो,
जाग रही हो, तो यादें भेजों,
हँस रही हो, तो खुशी भेजों,
रो रही हो, तो आसुँ भेजो ।

लड़की का रिप्लाय आया....

ठिकड़ा मांज री हूँ .... ऐठवाड़ों... भेजूँ कई???

20 रूपये तो फालतू में खराब हो गए

कई बार सोचता हूँ की 8वीं में 20 रूपये तो फालतू में खराब हो गए ग्रुप फ़ोटो के..

मास्टर जी बोलते थे की सबको लेनी ही पड़ेगी ताकि अपने बच्चों को बोलोगे की ये मेरे क्लासमेट थे अब कोई डॉक्टर कोई इंजीनियर कोई नेता हैं..

अब देखो म्हारा क्लासमेट

ये पोकरयो है जो किरोणे री दुकोन करे
ओ हरयो है जको भी पीकप चलावे
ओ दशरथयो है जको कटिंग करें
ओ ओमल्यो है जको जयपुर पड्यो है
ओ दान्यु है जको बोरावड़ में फिरे
ओ शिवो है जको जुत खातो फिरे
ओ प्रकाश्यो है जको खेजड़्या छाँगे
ओ धारयो है जको मुम्बई में काई पतो काई करे
ओ धरमो है जको जुओ खेले
हेन ऐ दस पन्दरा जना निकमा फिरे
और औ मैं हु जको दिनभर फ़ेसबुक अन वॉट्सएप में मुण्डा घाल्योडो रेवु..

और रेही बात छोरियों री तो
सगली ही रोटा पोवेन टाबर टिंगर हम्बाले...

Friday, 29 May 2015

लटक जाओ.........

मारवाडी को फांसी की सजा सुनाई गयी ..

जज ने पूछा- कोई आखिरी ख्वाहिश........?

मारवाडी - म्हारी जगा थे लटक जाओ...........

Thursday, 28 May 2015

समझ ना आता के... Haryanvi jokes

जहाँ पुलिस की भी ना चलती थाणे  में
कुछ दिन तो गुजारो हरियाणे में।

~~ हरियाणा टुरिज्म..~~

टीचर: मैं सुंदर थी, सुंदर हूं, सुंदर रहूंगी। इसी तरह तीनों काल का उदाहरण दो।
हरयाणवी  छात्र : तन्नै वहम था, तन्नै वहम है, तन्नै वहम रवैगा।
टीचर: नालायक, तमीज से बताओ।
छात्र: आदरणीय मैडम जी आप भूंडी थी, भूंडी हैं, भूंडी रहेंगी।
---
खतरनाक हरियाणवी गर्लफ्रेँड

छोरी :- कित है तु??

छोरा:-हस्पताल मेँ हूँ एक कार आला
टक्कर मारग्या !

छोरी :- अच्छा छुट्टी कद मिलैगी??

छोरा:- दो दिन पाच्छे !

छोरी :- ठीक है ! दो दिन बाद छुट्टी मिलतै ए मेरा रिचार्ज करवा दिए !
नहीँ तो दोबारा हस्पताल म्हे पहुँचा दयूँगी ..!!

टीवी रिपोर्टर ने जख्मी हरियाणवी से
पुच्छा-
"जब बम गिरा तो क्या वो जोर से
फटा ?"
.
.
.
.
.
.
हरियाणवी :- "ना ..,,,
वो घिसरदा होया मेरे धोरे आया.....
अर शरमा क मनै
बोला 'बढाम....!!!'

एक हरयाणे की ताई KBC मेँ एक करोड़ रपे
जीत गयी।
.
अमिताभ- माताजी आप सबसे पहले इन
पैसोँ का क्या करेगी??
.सबतै पहले 100 का खुलवाकै 10-10
रपिया छोरियां नै दूंगी।..

डाक्टर: ताई तनै इसी दवाई दूंगा के तूं फेर तै जवान हो जागी

ताई बोली: ईसा जूलम मन्ना करीये, मेरी पेनशन बन्द करावैगा के

एक चिड़ियाघर में एक तोते के पिंजरे के बाहर लिखा था ---
"english, हिंदी और haryanvi  बोलने वाला तोता".
एक आदमी ने इस बात को टेस्ट करने के लिए तोते से
पहले ENGLISH में पूछा -- हू आर यू ?
तोता -- आई ऍम पैरेट।
आदमी (हिंदी में) -- तुम कौन हो?
तोता -- मैं एक तोता हूँ।
आदमी (इस बार haryanvi में)-- तूं कूण स रै ?
तोता -- मैं तेरा फुफा... खाजले कुत्ते से मुंह के, दो बार बता लीया समझ ना आता के...

ठा  कोनी....

एक नौजवान ने एक बुजुर्ग से
पूछा :बाबा बताएं जब एक दिन दुनिया से
जाना है
तो
फिर लोग पैसो के पीछे क्यों भागते हैं ?

जब जमीन जायदाद जेवर यहीं रह जाते हैं तो
लोग
इनको अपनी जिन्दगी क्यों बनाते हैं ??

जब रिश्ते निभाने की बारी आती है
तो दोस्त ही दुश्मनी क्यों निभाते
हैं ??

बुजुर्ग ने गौर से तीनों सवाल सुने
फिर उसने माचिस की डब्बी से तीन
तीलियाँ निकाली
दो तीलियाँ उसने फेंक दी
और एक तीली को आधा तोड़
कर उपर वाला भाग फेंक दिया ।
नीचे वाले भाग को नुकीला बना कर
अपना दांत कुरेदते हुए बोला -
.
.
.
.
.
ठा  कोनी....

Wednesday, 27 May 2015

Garmi ka aalam

Iss garmi ka aalam bas itna samajh le galib...










Kapde dhote hi sukh jaate hai..
Aur pehnte hi geele ho jaate hai..

जीमण कोनी...

Air hostess: Sir, What r u prefer in ur lunch?
भासा: लिख ले बाई तू फेर भूल जाला।
एक भाटकी भर ने रबड़ी,
दो भाटका देशी घी रो हीरो,
दो मोहन जी रा लाड़ू,
चार घी रा बाटिया,
पापड, सलाद, दाल चावल,
प्रेम विलास रो मिक्सचर,
ने ऐक ठंडी छाछ लियाइजे बाई ने हाँ भेगि आइज़े यू नहीं के जाने बैठजा।
Air hostess: ओ प्लेन है भासा......
मिन्दर रे पाठ उच्छब रो जीमण कोनी...

कौन किसका जंवाई

दोस्तों आज हम विचार करेंगे
  जवांई (पाव्णा और बेटी रे घरवाला) के साथ
2003 से पहले और उसके बाद उनके साथ किये जाने वाले व्यवहार के बारे में।।।

1 ) पहले के जवांई जब आने का पता चलता तो साळा &  ससुर जी दाढ़ी बनाते  और नए कपडे पहनकर स्वागत के लिए तैयार रहते थे।

2) जवांई आ जाते तो बहुत मान मनवार मिलती और छोरी (पत्नी ) दौड़कर रसोडे में घुस जाती थी सासु जी पानी पिलाती  और धीरे से घूंघट से कहती आगये जी ।

3) आने का समाचार मिलते ही गली मोहल्ले के लोग चाय के लिए बुलाते थे
और काकिया ससुरजी या मामी ससुर जी के यहा तो करकरे आटे का हलवा (सिरा ) भी बनाते

4 )जवांई खुद को ऐसा महसूस करता था की वो पूरे गांव का जवांई है

5) जवांई के घर में आने के बाद घर के सब लोग डिसिप्लिन में आ जाते थे

6 )जवाँई बाथरूम से निकलते तो उनके हाथ lux साबुन से धूलवाते भले खुद उजाला साबुन से नहाते थे

7 )पावणा  अगर रात में रुक जाते तो सुबह में उनका साला कॉलगेट और ब्रश हाथ में लेकर आस पास घूमते रहता था।

8 )जब जवांई का अपनी बीवी को लेकर जाने का समय हो जाता तो स्कूटर को पहले गैर में डालकर भन्ना भोट निकलते थे जिस से उनका ससुराल में प्रभाव बना रहता था।







अब आज के जवांई की दुर्दशा :

1. आज के जमाई की कोई भी लुगाई लाज नहीं निकालती हैं, खुद की बीवी भी सलवार कुर्ते में आस पास घूमती रहती हैं।
काकी सासुजी और मामी सासुजी कोई दूसरी रिश्तेदारी निकाल कर बोलती हैं  " ओपणे जवाइं से क्या घूंघटं  राख़णा "

2. साळो अगर कुंवारों हैं और अगर उसकी सगाई नहीं हो पा रही हैं तो इसका ताना जमाई को सुनाया जाएगा की" आटा साटा करते तो ब्याव हो ज्यातो "

3. पानी पीना हो तो खुद रसोड़े में जाना पड़ेगा, कोई लाकर देने वाला नहीं हैं।

4. ससुराल पक्ष की किसी शादी में जमाई को इसीलिए ज्यादा मनवार करके बुलाया जाता हैं ताकि जवांई बच्चों को संभाल सके। बीवी और सासूजी आराम से बिंदोली और महिला संगीत में डांस कर सके।

कौन किसका जंवाई

Tuesday, 26 May 2015

मुंडा

एक गाव की लड़की पानी पूरी खाते हुए इम्प्रेशन झाड़ते हुए बोली

"भैया प्लीज़ give me water मेरा मुंडा   बल रहा हैं"

Monday, 25 May 2015

गढ़ सिवाणा के दोहें.........

गढ़ सिवाणा के दोहें.........

मरूधर म्हारे देश रा, कांई करूँ बखाण।
बाढ़ाणे रो सुरग हैं, सांची गढ़ सिंवियाण॥
परमारे गढ़ रोपियों रक्षा करै चहुँआण!
छप्पन भाखर में बसे म्हारों गढ़ सिंवियाण!!
दुरग री स्वामीभगति, सुं कुण है अणजाण?
करमभूमि उण वीर री, सुंदर गढ़ सिंवियाण॥
गढ़ां गढ़ां सूं सोवणो, शूर सती री खाण।
चहुँकूंटां चावौं घणों, सांची गढ सिंवियाण॥
कटे माथ अ'र धड लडै, राखण मायड़ मान।
कला कमध वाळी कथा, गावै गढ सिंवियाण॥
अलाद्दीन सूं आथड्यौ,तीर खाग जो तांण।
शीतलदे चहुआण री ,शाख भरे सिंवियाण॥
सगळां सिर नामे झुक्या,(जद) अकबर मुगल
महान।
चंद्रसेन तद नी नम्यौ, (वा)साख भरे सिंवियाण॥
रक्षा खातर मात रे , घण खेल्या घमसाण।
कटिया पण झूूकियां नही रंग रे गढ़
सिंवियाण॥
संतां रो तप देखने, भयो अचंभित भांण।
मंछगुरू मठ जिण तप्या,सरस भुमि सिंवियाण॥
भाखर पर भय भंजणी,हाजर है हिंगळाज।
गढ उंचा सवियाण पर,रखै भगत री लाज॥
जय राजपुताना

Thursday, 21 May 2015

जोधपुर सिर्फ हमारा जोधाणा

जोधपुर सिर्फ हमारा
जोधाणा
वो गर्मीयो की शाम,
वो 'नई सड़क' रो जाम,

वो "जैसलमेर रोड"री हवा,
वो "उम्मेद हॉस्पिटल" की दवा,

वो नेशनल हेडलूम की "शाँपींग",
वो  शहर रे मोय री"हिटिंग"

वो " श्रीनाथ " री "पावभाजी,
वो   शहर री  " आलू टिक्की"

" वो " पार्श्वनाथ " रो "शेक",
और "फ्रेश & ग्रीन "रो "केक",

वो " अरोड़ा री छोटी कचोरी ",
वो " जालोरी गेट" रो "शाही समोसा",

वो "भाटी" री *Real-Gold* "चाय",
वो "चौधरी रो मिर्चबडो"

वो  जोधपुर रो ब्रेड पकोडा
और चतुर्भुज रो गुलाब जामुन

वो गर्ल स्कूल के नजारे,
वो माहविर पार्क के ठंडे "फवारे",

वो के एन काँलेज" की "सडके",
जहा कितने "दिल" धडके,

वो मस्ती की बाते,
एडि ही कई हमारे  "जोधपुर" की "यादे.

हरियाणा पुलिस जोक्स

पत्नी हरियाणा पुलिस से- जी म्हारा
घरवाला 5 दिन पेहला गोभी लेन
गया था इब तक कोणी आया

हरियाणा पुलिस- फेर के होया,
कोई और सब्जी बना ले, जरुरी है
गोभी बनानी '

भोमिया देवता

हायकोर्ट ने आज ये स्पष्ट किया है क़ि

अगर पति परमेश्वर है ...!!
तो _

बॉय फ्रैंड भी
छोटा मोटा भोमिया देवता माना जायेगा

फ़ाटग्यो थारो रॉकेट

NASA का राकेट ब्लास्ट हुआ:

जापान: टेक्नोलॉजी परीक्षण किये थे ?
Nasa:yes

रूस: क्रिटिकल मास वॉल्यूम ठीक था ?
Nasa:yes

भारत: नीबू-मिर्ची टाँगे थे ?

Nasa :no

भारत: जणा ही फ़ाटग्यो थारो रॉकेट

नुतो

आजकल सुबह सुबह एक मधुर आवाज सुनाई देती हे। ☺
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जिसे सुनकर मन प्रसन्न हो जाता हे।
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नाई आकर बोलता हे----
फलाण जी कै जिमणै को
सिगरी नुतो है

राजस्थान में कैसे कैसे मंदिर

राजस्थान में कैसे कैसे मंदिर

१. सोरसन (बारां) का ब्रह्माणी माता का मंदिर- यहाँ देवी की पीठ का श्रृंगार होता है. पीठ की ही पूजा होती है !

२. चाकसू(जयपुर) का शीतला माता का मंदिर- खंडित मूर्ती की पूजा समान्यतया नहीं होती है, पर शीतला माता(चेचक की देवी) की पूजा खंडित रूप में होती है !

३. बीकानेर का हेराम्ब का मंदिर- आपने गणेश जी को चूहों की सवारी करते देखा होगा पर यहाँ वे सिंह की सवारी करते हैं !

४. रणथम्भोर( सवाई माधोपुर) का गणेश मंदिर- शिवजी के तीसरे नेत्र से तो हम परिचित हैं लेकिन यहाँ गणेश जी त्रिनेत्र हैं ! उनकी भी तीसरी आँख है.

५. चांदखेडी (झालावाड) का जैन मंदिर- मंदिर भी कभी नकली होता है ? यहाँ प्रथम तल पर महावीर भगवान् का नकली मंदिर है, जिसमें दुश्मनों के डर से प्राण प्रतिष्ठा नहीं की गई. असली मंदिर जमीन के भीतर है !

६. रणकपुर का जैन मंदिर- इस मंदिर के 1444 खम्भों की कारीगरी शानदार है. कमाल यह है कि किसी भी खम्भे पर किया गया काम अन्य खम्भे के काम से नहीं मिलता ! और दूसरा कमाल यह कि इतने खम्भों के जंगल में भी आप कहीं से भी ऋषभ देव जी के दर्शन कर सकते हैं, कोई खम्भा बीच में नहीं आएगा.

७. गोगामेडी( हनुमानगढ़) का गोगाजी का मंदिर- यहाँ के पुजारी मुस्लिम हैं ! कमाल है कि उनको अभी तक काफिर नहीं कहा गया और न ही फतवा जारी हुआ है !

८. नाथद्वारा का श्रीनाथ जी का मंदिर - चौंक जायेंगे. श्रीनाथ जी का श्रृंगार जो विख्यात है, कौन करता है ? एक मुस्लिम परिवार करता है ! पीढ़ियों से. कहते हैं कि इनके पूर्वज श्रीनाथजी की मूर्ति के साथ ही आये थे.

९. मेड़ता का चारभुजा मंदिर - सदियों से सुबह का पहला भोग यहाँ के एक मोची परिवार का लगता है ! ऊंच नीच क्या होती है ?

१०. डूंगरपुर का देव सोमनाथ मंदिर- बाहरवीं शताब्दी के इस अद्भुत मंदिर में पत्थरों को जोड़ने के लिए सीमेंट या गारे का उपयोग नहीं किया गया है ! केवल पत्थर को पत्थर में फंसाया गया है.

११. बिलाडा(जोधपुर) की आईजी की दरगाह - नहीं जनाब, यह दरगाह नहीं है ! यह आईजी का मंदिर है, जो बाबा रामदेव की शिष्या थीं और सीरवियों की कुलदेवी हैं.

'अभिनव राजस्थान' की 'अभिनव् संस्कृति' में इस सबको सहेजना है. दुनिया को दिखाना है.

इनोवा  लेन नि गी

एक डोकरी मर गी.
वणरा पाँचों बेटा रोवता त़ा.
पेलो बेटो- बाई थु कियु मरी, मने भी साते लेन जाती.
दूसरो बेटो - बाई थु कियु मरी,मने भी साते लेन जाती.
यु रा यु पाँचों बेटा बोलिया.
पागती बेठा एक बा सा कियो
बेटा थारी बाई  इनोवा  लेन नि गी जो थोने सबने साथे लेन जाती।

बात पीसां की कोनी..

एक झूठ जो हर मारवाड़ी अक्सर बोलता है.........................


बात पीसां की कोनी..

सतँरा

एक बार एक ताई बस मेँ बैठी सतँरा छिल रही थी
और
सतँरा के छिलके वही बस मे ही गिरा रही थी
ताई को देखकर कन्डैक्टर बोला - ऐ ताई.. ये छिलके बस मे मत गेर....
दिेके बाहर ने फैक दे

ये सुनकर ताई बोली - औ बेटा..
भीतर तु ना गेरण देता अर बाहर वो मोदी ना फेकण देता

के चाहो सो तम

सतँरा खाण दोगा या ना..!

चाल समोसो ई खुवा दे

राजस्थानी छोरी
   अपने बॉयफ्रेंड से
छोरी: आज तो मने
मेक्ड़ोनल्स लेजा....
छोरो:ले जाऊं पण पेली बिकी
स्पेलिंग बोल के बता
छोरी: ( दो मिनट सोचणे के बाद)
वा रेणदे
इयान कर "के.एफ.सी " में
ले चाल
छोरो: ले जाऊं
पण पेली बिको फुलफोम  बता
छोरी: वा रेण दे
              मंगता 
चाल समोसो ई खुवा दे

हाल तो साग छुकनो बाकी हें...

गाँव के चार भोले लोग
शहर में एक शादी के रिसेप्शन में गए
अंदर गये तो सलाद देख कर बाहर आ गये,
बाहर आकर एक बोला...
" हाल तो साग छुकनो बाकी हें..."

ओवरटेक करने की आदत

एक आदमी की शादी में
जब फेरे लेने की बारी आई तो पहले
फेरे के वक्त ही दूल्हा दौड़कर दुल्हन से
आगे
निकल गया।
,
,
पंडित जी ने दूल्हे को पीछे रहने
को कहा।
,
दूसरे फेरे के वक्त दुल्हन आगे हुई तो
दूल्हा फिर
दौड़कर आगे निकल गया।
,
,
दूल्हा बार-बार ऐसे
ही तेजी से दुल्हन के आगे निकल
जाता।
,
बार-बार ऐसा होता देख दुल्हन के
पिता को गुस्सा

गया और
वे बोले, \'यह कैसा दूल्हा है जो फेरे भी
ढंग से
नहीं ले सकता। ऐसे यह
शादी नहीं हो सकती।\'
,
,
दूल्हेके चाचा ने समझाते हुए कहा,
\'माफ करना
भाईसाहब,
दरअसल लड़का हरियाणा रोडवेज का ड्राईवर है इसलिए
इसे
ओवरटेक करने
की आदत है..

Monday, 18 May 2015

रोवे काँई गेला

अपना admin अपनी गर्ल्फ्रेंड को लेकर साइकिल से जा रहा था.
कि अचानक गिर गया.
और रोने लगा
.
.
उसकी गर्ल्फ्रेंड बोली
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
-"उठ- उठ देख किती कीड़ीया मरगी
रोवे काँई गेला"

Sunday, 17 May 2015

एक ताऊ


एक बार एक ताऊ पैदल आपणे गांव जावै था...
रास्ते में उसके जूते..पाँ में काटण लाग गये.....
ताऊ नै...जूतियां आपणी लाठी पै टांग
ली.....
गांम के एक सुंडू जैसे नै मजाक करण की सुझी....
बोल्या... ताऊ, परांठे बहुत दूर टांग राखे
सै.....
ताऊ भी कम ना था....ताऊ बोल्या.....
भाई खाण- पीण की चीज़ किते भी टांग
ल्यो....
सुसरे कुत्ते की निगाह..उड़ै चली जा है...।।

सरकारी अस्पताल, के क्वार्टर में रहने वाले डाक्टर की लगभग रोज की व्यथा

सरकारी अस्पताल, के क्वार्टर में रहने वाले डाक्टर की लगभग रोज की व्यथा :(कोई समझे तो)
(आपबीती पर आधारित):

मरीज आकर कहता है- डाक्टर साब मेरे खून की जांच करा दो ।
डाक्टर : क्यों?
मरीज : कोई खिया क थारे खून की खराबी है जिस्यूं थारे हाथ पैर दूखे है ।
,,,,,डाक्टर बहस से बचने के लिये दो तीन जांचे लिख देता है।

,,,,,जांच के बाद :
मरीज : क्या खराबी आयी है?
डाक्टर : कुछ नहीं ।नोर्मल है।
मरीज : मेरे खांसी भी बार-बार हो जाती है।
डाक्टर : अभी है क्या?
मरीज : नहीं, अभी तो नहीं है।
डाक्टर : ठीकहै मैं दवा लिख देता हूं।
मरीज : नहीं साहब एक्स -रो तो करा के देखो ।
,,,,डाक्टर बहस से बचने के लिये X-ray लिख देता है।

After x-ray....
मरीज : क्या गड़बड़ है?
डाक्टर : कुछ नहीं है, मैं दवाई लिख देता हूं।
मरीज : दवाइयां तो कितनी ही ले ली । आप तो इंजेक्शन लिख दो।
,,,,(डाक्टर बेचारा चकरा जाता है,सोचता है कहां फंस गया यार,क्यों डाॅक्टर बना,,,,अपने आपको कोसता है।)
डाक्टर : भैया , इंजेक्शन सिर्फ इमरजेंसी में लगता है,मैं अभी दवा लिख देता हूं। (ऐसा कहकर डाक्टर दवा लिखने लग जाता है।)
(मरीजों की लाइन भी लगी हुई है।)
डाक्टर दवा लिख कर मरीज को दे देता है।

मरीज : (पर्ची को गौर से देखते हुये) :"  इसमें भूखे पेट के कैपसूल लिख्या के? वो भी लिखो!
एक दर्द की ट्यूब मालिश की लिख दीज्यो।
और हां,  आखां में डालने की दवाई भी।
कभी कभार खांसी भी हो जावे मने,  तो पीने की दवाई लिख देओ,,,,, दो लिखज्यो, छोटी बहोत आवे शीशी॥ "
(डाक्टर अपना सारी पढाई भूलकर  यह सब लिखने लग जाता है।)
(मरीज परची लेकर जाने के लिये मुड़ता है, डाक्टर लंबी सांस लेकर next मरीज की तरफ देखता है।)

अचानक पहले वाला मरीज मुड़ता है । डाक्टर घबराता है।(मरीज घूरकर देखकर हंसते हुये) : अजी, बीपी नापना तो आप भूल ही गिया॥
डाक्टर भावशून्य होकर बीपी नापने लगता है।

(अस्पताल ओपीडी बन्द होने के बाद डाक्टर थका मांदा घर आता है। थोड़ी देर बैठता है।)

लेटते ही दरवाजे पर जोर से खट खट होती है,,,दरवाजा खोलते ही एक व्यक्ति अंदर आ जाता है॥
व्यक्ति : (एक कागज पकड़ा कर) :इस पर साइन कर दो ।
डाक्टर देखकर कहता है: भैया यह आय प्रमाणपत्र है,इस पर मैं साइन नहीं कर सकता,  मैं तो आपको जानता भी नहीं।
व्यक्ति अपना फोन पकड़ा कर कहता है : लो बात करो। (किसी नेता /पत्रकार से बात कराता है।)

दस मिनट की बहस के बाद व्यक्ति भनभनाते हुए चला जाता है।

किसी तरह रात को खाना खाकर 11 बजे डाक्टर सो जाता है।

साढ़े ग्यारह  बजे पुलिस वाले एक शराबी को मेडिकल मुआयने के लिये ले आते हैं। नशे में वह डाक्टर को भी गालियाँ निकालता है। डाक्टर चुपचाप अपना काम करता है।
उससे फ्री होकर लगभग 12 बजे डाक्टर सो जाता है।

लगभग डेड बजे रात को डिलिवरी वाले जगाते हैं :पेट दुख रहा है साहब। (पेट दुखने से ही तो बच्चा होगा यार ...)

डाक्टर को 2 बजे फिर नींद आ जाती है।
लगभग 3 बजे रात को एक एक्सीडैन्ट केस आता है। डाक्टर उठकर उनका इलाज करता है, एक को रेफर करता है।परिजन चिल्लाते हैं :गाडी मंगवाओ।
डाक्टर चार बजे सुबह फ्री होकर सोने की कोशिश करता है।

सुबह 5:30 बजे नल आताहै। पानी भरने उठता है। 6 बजे फिर थोड़ा सोने की असफल कोशिश करता है।
सुबह नहाने जाते समय एक और इमरजेंसी केस आ जाता है। उससे फ्री होने में थोड़ा वक्त लग जाता है।

ओपीडी टाइम होने वाला है।

किसी तरह नहा धोकर, शेव कर, बिना चाय नाश्ता किये ही अस्पताल जाता है ..., लेकिन 5-10 मिनट लेट हो जाता है। अस्पताल में 8-10 मरीज पहले से ही बैठे हैं।
डाक्टर अपने कमरे में घुसते समय एक मरीज की फुसफुसाहट सुनता है : "अरे टाइम तो हो गया 10 मिनट पहले ही ....,लेकिन कामचोर हैं साले! "
डाक्टर कुर्सी पर बैठते हुये सिर पकड़कर सोचता है ..." यह दूनिया  डाॅक्टरों के लायक नहीं, नीम हकीमों के ही लायक है। "

Saturday, 16 May 2015

ल्यो मजो मारवाड़ी चुटकुलों को

ल्यो मजो मारवाड़ी चुटकुलों को

धणी - आज सजधज के कठे जा री से ?
लुगाई - आत्महत्या करणे जा री सुं !
धणी - तो इत्तो मेकअप क्यूँ करयो है ?
लुगाई - काल
अख़बार म्हें म्हारो फोटू भी तो छपसी ;~)

मारवाड़ी की पत्नी :
म्हने लागे म्हारी छोरी को अफेयर चालु है ।
पति : वो क्यूँ ?
पत्नी : "पॉकेट मनी" कोनी माँगे आजकल ।
पति : हे भगवान,,
इं को मतलब लड़को मारवाड़ी कोनी !

एक मारवाड़ी को एक्सीडेंट हो ग्यो..
डाक्टर बोल्यो - टांकों लगाणो पड़ेगो
मारवाड़ी - कित्तो पीसो लागेगो ?
डाक्टर - 2000 रिपया लागसी..
मारवाड़ी- अरे भाया..
टाँकों लगाणों है,, एंब्रोईडरी कोणी करवाणी !

.......मारवाडी ......
छोरो - आई लव यू
छोरी - चूप रे गेलसप्पा ,,
एक लेपड मेलियो नी तो सीधो जोधपुर पुगेला..
छोरो - थोडो धीरे मार जे,, नागौर मे थोडो काम हैं ।

एक मारवाडी भगवान सु अरज करे..

हे मारा छतीस करोड देवी देवता
मारे ज्यादा कइ कोनी छावे
बस आप सब मने एक -एक रुपया री
मदद कर दो महारो जीवन सफल हो जाए ~